·
सिगरेट
मंहगी , दारू मंहगी
, गांजा तो जैसे
देखने को आँखे
तरस गई , वाह
क्या गुजरा है
2014 .....
·
साली
तुम्हारी किस्मत ही अंग
विशेष से लिखी
गयी है...क्या
2014 क्या 2015 :P
·
आज
की रात वो
खौफनाक रात है
जब लोग घरों
से नहीं गट्टर
और नालों से
निकलते हुए दिखेंगे
॥